लावारिस लाशों का अंतिम संस्कार कर रही है प्रबुद्ध भारत बहुद्देशीय संस्था
महेंद्र डोंगरे एवं उनके साथीयो का सराहनीय कदम
अकोला- इंसान के जीवन में अंतिम समय मे अपने रिश्तेदारों का साथ नहीं मिलने से एसी लावारिस व्यक्ति के शव का अंतिम संस्कार कौन करेगा यह चिंता का विषय रहताा है। किंतु ऐसे लोगों की मृत्यु के बाद अंतिम संस्कार कोरोना महामारी के बढ़ते संक्रमण से कई लोग आगे आने को हिचकीचाते हैं किंतु प्रबुद्ध भारत बहुद्देशीय संस्था द्वारा मानवता के दृष्टि से कोरोना काल में भी और अब कोरोना का प्रभाव कम होने के बाद भी संस्था का कार्य लगातार जारी है इस संस्था द्वारा एक और लावारिस लाश का पुलिस की उपस्थिति में अंतिम संस्कार करके सराहनीय कार्य किया गया। जिसके चलते संस्थापक अध्यक्ष महेंद्र डोंगरे एवं उनके कार्य का गौरव हो रहा है। दिनांक 9 अप्रैल को सिटी कोतवाली पुलिस स्टेशन अंतर्गत आने वाले तकरीबन 60 वर्ष की लावारिस लाश का अंतिम संस्कार करने के लिए प्रबुद्ध भारत बहुद्देशीय संस्था तार फैल इन्हें पुलिस ने फोन से बताया जिसके अनुसार अंतिम संस्कार के लिए मानवता यही सबसे बड़ा श्रेष्ठ कार्य होने के चलते प्रबुद्ध भारत संस्था के अध्यक्ष महेंद्र डोंगरे ने जिला सरकारी अस्पताल में पहुंचकर मृतदेह को अपने कब्जे में लिया एवं अकोट फैल की स्मशान भूमि में बौद्ध धर्म अनुसार अंतिम विधि करके इस लावारिस शव को श्रद्धांजलि अर्पण की।
इस वक्त त्रिरत्न बुद्ध विहार के अध्यक्ष नागेश बागडे. चंद्रशेखर नकाशे सचिन भीमकर. मारुती वाल्मीक सिद्धू डोंगरे. अक्षय डहाके. कृष्णा नंदागवळी. कृष्णा यादव. सुरज मेश्राम सोनू वासनिक. प्रथमेश मडामे. अमोल ओके. राजू रामटेके सचिन खोब्रागडे. मिलिंद भीम कर. लक्ष्मीकांत लबडे प्रज्वल मेश्राम. विलास शेंडे. रवी चवरे.दिलीप चव्हाण निलेश डोंगरे, प्रवीण मेश्राम बिरजू रंगारी नागेश मेश्राम .सागर बुंदेले. अक्षय थोरात सुजित वासनिक,आशिष उके दीपक मेश्राम आदी की उपस्थिती थी।
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