Prime Minister Modi sent a Chaadar for Khwaja Saheb's Dargah, 812th Urs is being celebrated:
प्रधानमंत्री मोदी ने ख्वाजा साहब के दरगाह के लिए भेजी चादर, मनाया जा रहा 812 वां उर्स
नई दिल्ली- हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती रहमतुल्ला अलैह का 812 वा उर्स मुबारक शुरू हो चुका है। अजमेर शरीफ दरगाह एकता की मिसाल है जहां पर हिंदू मुस्लिम सिख इसाई सभी धर्म के लोग बड़ी आस्था के साथ पहुंचते हैं। हिंदुस्तान की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक परंपरा की निशानी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अजमेर शरीफ दरगाह पर उर्स के अवसर पर चढ़ाने के लिए अल्पसंख्यक मोर्चा को चादर सौंपी है। इस चादर को ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के उर्स के मौके पर चढ़ाया जायेगा। आपको बता दे की कई सालों से प्रधानमंत्रीयो द्वारा अजमेर शरीफ दरगाह पर चादर भेजी जा रही है। इस तरह जब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बने हैं वह भी लगातार उर्स के मौके पर चादर भेंट करते हैं। हर साल की तरह इस साल भी उनकी भेंट की गई चादर को दरगाह पर चढ़ाया जाएगा। बीजेपी के अल्पसंख्यक मोर्चा के सदस्य इस चादर को 13 जनवरी को दोपहर अजमेर शरीफ में दरगाह पर चढ़ाएंगे। पीएम मोदी ने अल्पसंख्यक मोर्चा के जिन सदस्यों को चादर सौंपी है, उनके नाम हैं- अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी, बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तरीक मंसूर, उनके साथ कई और मुस्लिम नेता भी इस दौरान शामिल होंगे। ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर हर साल उर्स के मौके पर भारी संख्या में अकीदतमंद पहुंचते हैं। 13 जनवरी को प्रधानमंत्री मोदी की भेजी गई यह चादर चढ़ाई जायेगी। प्रधानमंत्री मोदी पिछले दस साल से अजमेर शरीफ दरगाह पर चादर चढ़ाने के लिए भेज रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने चादर भेजने के साथ ही मानवता का संदेश भी भेजते हैं। पिछले साल उन्होंने संदेश भेजा था- दुनिया को प्रेम, सौहार्द और बंधुत्व का संदेश देने वाले महान सूफी संत के वार्षिक उर्स पर अजमेर शरीफ की दरगाह पर चादर भेजते हुए मैं अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।
भारत के प्रधानमंत्री मोदी ने आगे लिखा था कि हमारे देश के संतों, पीरों और फकीरों ने शांति, एकता और सद्भावना के पैगाम के लिए राष्ट्र के सांस्कृतिक ताने-बाने को सदैव मजबूती प्रदान की है। पीएम मोदी ने ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती को भारत की आध्यात्मिक परंपरा के प्रतीक बताया था। ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती रहमतुल्ला अलैह के दरबार में हिंदुस्तान ही नहीं पूरे विश्व भर से जायरीन पहुंचते हैं। जो बड़ी हकीकत के साथ ख्वाजा साहब के दरबार में चादर फूल चढ़ाते हैं। इस वर्ष भारी संख्या में जायरीनो की पहुंचने की संभावना है दर्शाई जा रही है।
भारत के प्रधानमंत्री मोदी ने आगे लिखा था कि हमारे देश के संतों, पीरों और फकीरों ने शांति, एकता और सद्भावना के पैगाम के लिए राष्ट्र के सांस्कृतिक ताने-बाने को सदैव मजबूती प्रदान की है। पीएम मोदी ने ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती को भारत की आध्यात्मिक परंपरा के प्रतीक बताया था। ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती रहमतुल्ला अलैह के दरबार में हिंदुस्तान ही नहीं पूरे विश्व भर से जायरीन पहुंचते हैं। जो बड़ी हकीकत के साथ ख्वाजा साहब के दरबार में चादर फूल चढ़ाते हैं। इस वर्ष भारी संख्या में जायरीनो की पहुंचने की संभावना है दर्शाई जा रही है।
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