गीता नगर के शक्तिधाम सेवा समिति द्वारा आयोजित श्री महालक्ष्मी,श्री जीणमाता व शाकम्बरी के मंगलपाठ में भक्तो की भीड़
अकोला..सकल जगत की कल्याणकारी माता महालक्ष्मी,माता शाकंबरी एव जीणमाता का भक्तिमय मंगलपाठ स्थानीय गीता नगर परिसर मे बडे भक्तिभाव से संपन्न हुवा.महानगर मे नवगठीत शक्तिधाम सेवा समिती की ओरसे आयोजित इस दिव्य मंगलपाठ मे प्रसिद्ध मंगलपाठ वाचक उज्वल खाकोलिया ने जीनमाता एव शाकंबरी माता के जीवन दर्शन एव अवतारकार्य की संगीतमय गाथा सूनाई.इस उत्सव का प्रारंभ जीण माता,माता महालक्षी एव माता शाकंबरी की झाकी प्रतिमा के पूजन से हुयी.इस अवसरपर परिसर मे माता की भव्य कलशयात्रा परिसर मे निकाली गयी, जिसमे महिला पुरुष भाविक समिल्लित हुये थे.उत्सव यजमान बसंतकुमार मदनलाल खंडेलवाल एव मनोज सुरेका ने सपत्नीक पूजा अर्चना एव आरती मे सहभाग लिया.पंडित हेमंत शर्मा के मार्गदर्शन मे वैदिक मंत्रोच्चार कर हवन किया गया.उत्सव के प्रथम सत्र का प्रारम्भ अकोलावासियो का कल्याण हो,उन्हे स्वास्थ,धन वैभव,कीर्ति,एवं यश प्राप्त हो इस मंगल कामना से माता महालक्ष्मी के गुणगान से हुवा.कार्यक्रम में यजमान वसंत खंडेलवाल,मनोज सुरेका एवं अग्रवाल महिला मंडल की ओरसे खाकोलिया का स्वागत किया गया.इस के पश्चात् खाकोलिया ने अपने मंगलपाठ मे जिणमाता के भाई बहन की अमर स्नेह की गाथा विशद कर जीणमाता की संगीतमय गाथा विशद की.राजस्थान के सिकर जिले के गोरिया स्टेशन से दक्षिण दिशा मे स्थित काजल सीकर पर्वतपर जीन माता का प्राकट्य हुवा.तत्पश्चात माता ने वही घोर तपश्चर्या की.इस कारण वहा सिद्धपीठ का निर्माण हूवा.सन ११३२ से वहापर तीर्थक्षेत्र की निर्मिती होकर एक घी की एव एक तेल की अखंड ज्योत जलाई जाती आ रही हैं.नवरात्र के दोनो पर्व मे यहा माता का भव्य उत्सव होता हैं,जिसमे लाखो भक्त समिल्लित होते हैं.कही बार परिसर मे आक्रमण हुये.किंतु माता के धाम को आच तक नहीं आयी.माता के दर्शनमात्र से भक्ती,मुक्ती,संतान,धन,ज्ञान की प्राप्ती होती हैं.तथा द्वितीय सत्र मे माता शाकंबरी की महिमा का वर्णन किया.प्राचीन काल मे पृथ्वीपर भीषण अकाल पडा .सब तरह त्राही त्राही मज गयी.सभी देवताओ के पास गये.भगवान ने इस अकाल को देखते हुये माता शाकंबरी के रूप में अवतरित होकर पृथ्वीपर सब हराभरा कर अनाज की जमीन से पैदावर की.
तभी से समुचे संसार मे माता शाकंबरी को शाक अर्थात अनाज की देवी के रूप में पूजा जाने की रसभरी गाथा प्रतीपादीत की.कार्यक्रम मे उत्सव स्थल परिसर पर माता का भव्य धाम साकार करने का मानस व्यक्त किया गया. इस उत्सव मे सामाजिक अंतर को निभाते हुये सभी के बैठने की विशेष व्यवस्था आयोजन समिती की ओरसे की गयी थी.इस उत्सव मे विधायक गोवर्धन शर्मा,पूर्व महापौर विजय अग्रवाल,मदनलाल खंडेलवाल, निकेश गुप्ता,ज्ञानप्रकाश खंडेलवाल,रमाकांत खेतान,कैलाशचंद्र अग्रवाल मामाजी,प्रशांत देशमुख,जगदीश बाचुका,शैलेंद्र कागलीवाल,बबलू अग्रवाल,दीपक गोयनका,श्यामबाबू खंडेलवाल,डॉ.विनोद बोर्डे,रितेश खेतान,दिलीप खत्री,ठक्कर,रा.स्व.सं,के शशांक जोशी,गणेश काळकर,सुनील तुलशान,राजेंद्र पोदार,अनुराग अग्रवाल,निरंजन अग्रवाल समेत सेकडो मान्यवरो ने भेट देकर उत्सव मे सहभाग लिया.संचालन सौ.कृष्णा पाडीया ने तथा आभार कैलाश ककरानिया ने माने.उत्सव की सफलता हेतू वसंत मदनलाल खंडेलवाल,राजकुमार वर्मा,सुनील पसारी,कैलाश ककरानिया,प्रकाश अग्रवाल,किशोर पालडीवाल,एड.जयकुमार अग्रवाल,गोपाल पसारी,रवी खंडेलवाल,सुनील जांगिड,राधेश्याम शर्मा,सुशिल खोवाल,देवीप्रसाद तातीया,अशोक धानुका,अनिल पाडीया,दिलीप पाडीया,रितेश चिरानिया,मनोज तातिया,कमल अग्रवाल,गिरीश पाडीया,रोहित पाडीया,रोहित रुंगटा,शाम पाडीया, प्रकाश धानुका,कृष्णा तातिया,सूरज पाडीया,रवि धानुका तथा महिला शक्ति के रूप में नगरसेविका सुनीता अग्रवाल,संध्या पसारी,ममता अगरवाल,प्रमिला अग्रवाल,कल्पना पसारी,संगीता वर्मा,पुष्पा खंडेलवाल,परमेश्वरी जांगिड़,बसंती खंडेलवाल,किरण ककराणिया,कविता जोशी,सौ.कृष्णा पाडीया, नंदा तातीया, हेमा पाडीया, श्वेता चिराणीया,कीर्ती तातिया, वंदना अग्रवाल,भावना पाडीया,श्रुती पाडीया समवेत शक्तिधाम सेवा समिती के पदाधिकारीयों ने परिश्रम लिये.उत्सव मे बडी संख्या मे महिला पुरुष उपस्थित थे.
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