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प्रत्येक व्यक्ति को असत्य पर सत्य की जीत के लिए दृढ़ संकल्प की आवश्यकता है- विधायक सावरकर

प्रत्येक व्यक्ति को असत्य पर सत्य की जीत के लिए दृढ़ संकल्प की आवश्यकता है- विधायक सावरकर
 अकोला-भले ही रावण के पुतले को प्रतीक के रूप में जलाया जाता है, लेकिन समाज के अपेक्षित सामाजिक कार्य और भगवान रामचंद्र द्वारा किए गए कार्य के लिए असत्य पर सत्य की जीत प्राप्त करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को असत्य पर सत्य की जीत के लिए दृढ़ संकल्प की आवश्यकता है। भाजपा के प्रदेश महासचिव और अकोला पूर्व के विधायक रणधीर सावरकर ने कहा कि गर्व, अवांछित रीति-रिवाजों, अन्याय और उत्पीड़न के खिलाफ संघर्ष की तैयारी करनी चाहिए।  वह स्थानीय तापड़िया नगर स्थित राजे छत्रपति शिवाजी महाराज खेल के मैदान में युवा शक्ति नवदुर्गा मंडल और सागर शेगोकर की पहल पर रिमोट कंट्रोल से 51 फुट का रावण दहन करते हुए बोल रहे थे।
अकोला शहर में कला संस्कृति, धार्मिक परंपराओं के साथ-साथ, नई पीढ़ी को पिछले बीस वर्षों से लगातार अकोला शहर आक्रांता राजे छत्रपति शिवाजी महाराज स्टेडियम, तपड़िया नगर, भाजपा मनपा सभागृह नेता गीतांजलिताई शेगोकर व सागर शेगोकर ने अन्याय के खिलाफ लड़ने का संदेश देने के लिए   व युवा शक्ति नवदुर्गा मंडल की ओर से एक 51 फुट के रावण दहन रिमोट कंट्रोल द्वारा करते समय बोल रहे थे।  भाजपा महानगर अध्यक्ष विजय अग्रवाल ने अपने विचार व्यक्त किए। अनूप धोत्रे ने युवा शक्ति के कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए कहा कि मंडल के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने पंद्रह दिनों तक लगातार कार्य करते हुए कार्यकर्ताओं की नई पीढ़ी को प्राचीन संस्कृति और आधुनिक समय की मिसाल पेश कर संघर्ष के साथ-साथ अच्छी चीजों को स्वीकार करने के लिए प्रेरित किया और यह संदेश देने के लिए भी कि गलत चीजों का समर्थन नहीं करते हैं।
 5 अक्टूबर गुरुवार को शाम 07:00 बजे भाजपा प्रदेश महासचिव एवं अकोला पूर्व विधायक, जिला भाजपा अध्यक्ष विधायक रणधीर सावरकर, विधायक गोवर्धन शर्मा, महानगर अध्यक्ष विजय अग्रवाल, विधायक वसंत खंडेलवाल, अर्चना मस्ने.  जयंत मसने एडवोकेट देवाशीष काकड़ और अकोला पंचकोशी के नागरिकों की बड़ी संख्या में दशहरे के अवसर पर अन्याय और उत्पीड़न के खिलाफ संघर्ष के प्रतीक के रूप में इस कार्यक्रम को देखने के लिए बड़ी संख्या में उपस्थित थे। कार्यक्रम में सागर शेगोकर, अंकुश देशमुख, अमित फोकमारे, निखिल देशमुख, धनराज अहीर, सचिन जादोकर, उल्हास निवाने, गणेश तायड़े, धीरज पटेल, भावेश सोलंकी, गोपाल सोनोन, प्रतीक जायसवाल, ओम कुचके, विट्ठल कुचके,   गोटू हिवराले, मनोज धागे, निशांत मानकर, नरेंद्र साठे, सुमीत ठाकुर, चंद्रकांत डंडाले को विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। और इस आयोजन के लिए बच्चों के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी। इस पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में तीन सौ युवाओं की टीम कार्यरत थी।

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