Akola Municipal Corporation: Formation of the ‘City Development Aghadi’ under BJP Leadership:अकोला महानगरपालिका:भाजपा के नेतृत्व में 'शहर सुधार अघाड़ी' का गठन, 44 पार्षदों का विभागीय कार्यालय में पजीकरण
अकोला-स्थानीय राजनीति में शुक्रवार को एक बड़ा धमाका हुआ जब अकोला महानगर पालिका में सत्ता की चाबी हासिल करने के लिए पांच राजनीतिक दलों ने मिलकर 'शहर सुधार अघाड़ी' के गठन का ऐलान कर दिया। हाल ही में संपन्न हुए महानगर पालिका चुनावों के बाद किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला था, जिसके बाद पैदा हुए गतिरोध को खत्म करने के लिए यह महाविलय हुआ है। इस गठबंधन में भारतीय जनता पार्टी सबसे बड़े घटक दल के रूप में उभरी है, जिसे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार एवं अजीत पवार गुट), शिवसेना और महानगर विकास समिति का समर्थन प्राप्त हुआ है। इस ऐतिहासिक रणनीतिक गठबंधन की कमान पवन मुगुटराव महल्ले को सौंपी गई है, जिन्हें अघाड़ी का पहला 'गटनेता' नियुक्त किया गया है।
उन्होंने अमरावती विभाग के विभागीय आयुक्त को एक औपचारिक प्रस्ताव सौंपते हुए इस नए समूह को आधिकारिक मान्यता देने की मांग की है। आवेदन में स्पष्ट किया गया है कि यह गठबंधन पूरी तरह से कानूनी है और इसे महाराष्ट्र स्थानीय प्राधिकरण सदस्य अनर्हता अधिनियम 1986 की धारा 5 के तहत अंजाम दिया गया है। गठबंधन के नेताओं का दावा है कि इस समूह की आंतरिक प्रक्रिया 20 जनवरी 2026 को ही पूर्ण कर ली गई थी। महानगर पालिका के भीतर शक्ति संतुलन अब पूरी तरह से बदल गया है। 80 सदस्यीय सदन में बहुमत के लिए 41 का जादुई आंकड़ा जरूरी है, जबकि इस नए गठबंधन के पास कुल 44 पार्षदों का समर्थन है। इसमें भाजपा के 38, राकांपा (शरद पवार) के 3, राकांपा (अजीत पवार) के 1, शिवसेना के 1 और महानगर विकास समिति के 1 पार्षद शामिल हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस गठबंधन ने विपक्षी दल कांग्रेस और वंचित बहुजन अघाड़ी की रणनीति को पूरी तरह विफल कर दिया है।
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