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स्थानीय लॉकडाऊन से रोजीरोटी का नया संकट- एड शेखानी

स्थानीय लॉकडाऊन से रोजीरोटी का नया संकट- एड शेखानी
अकोला-विगत वर्ष से कोरोना संकट से कष्टकरी कामकरी,छोटे व्यावसायिक,निजी सेवाधारी एव हातमजुरी करनेवाले वर्ग का कामकाज पूर्णतया प्रभावित होकर गंभीर आर्थिक संकट निर्माण हैं. शासन के अनलॉक से कामकाज की पटरी सिधी होना प्रारंभ ही हुवा तभी स्थानीय प्रशासन ने करोना की दुबारा वृढी देखते पुनश्च सिधा लॉकडाऊन कर ऐसें वर्ग की आर्थिक नाकेबंदी शुरु की हैं.प्रशासन ने बढते करोना संकटपर सिधे लॉकडाऊन न करते हुये अन्य करोना प्रतिबंधक उपाय कर  लॉकडाउनपर नया मार्ग निर्माण करने की मांग मागणी अकोला बार असो.के पूर्व सचिव,नोटरी,कच्छी मेमन जमात के पूर्व उपाध्यक्ष एड.इलयास शेखानी ने की.
 विगत वर्ष से शुरु हुये करोना संकट से सभी तरफ  आर्थिक मंदी की काली छाया निर्माण होकर लघु व्यवसायीक, निजी व असंघटित क्षेत्र के वर्ग के रोजीरोटी का प्रश्न निर्माण हुवा हैं.भीषण करोना संकट मे अनेक वर्ग समेत वकिल वर्ग ने भी अपना पेशा बाजूने रख कर साहित्य विक्री व अन्य मजुरी का काम कर गुजर बसर किया है. अनलॉक मे अनेक शासकीय कार्यालय,सार्वजनिक उद्योग,हॉटेल,सभी स्वायत्त संस्था आदी गर्दी के स्थान शुरु होकर कामकाज प्रारंभ हुवा हैं. किंतू करोना का बढता ग्राफ देखते स्थानिक प्रशासन ने किसी को भी विश्वास मे न लेते हुये सीधे  लॉंकडाऊन कर फिरसे इस वर्ग को आर्थिक संकट मे ले जाने का प्रयत्न किया हैं.स्थानिक प्रशासन को कोविड महामारी संदर्भ मे विशेष अधिकार बहाल होने से स्थानीय लॉकडाऊन मे कुछ उद्योगो को अत्यावश्यक सेवा के नाम से कामकाज  करने की खुली आझादी मिली हैं और कुछ प्रतिष्ठान अत्यावश्यक होनेपर भी ती बंद रखने का आरोप एड. शेखानी ने किया.औद्योगिक परिसर मे सभी काम को खुली आझादी हैं तो महानगर के ईसी धर्ती के उद्योग बंद होकर अडचण निर्माण हुयी हैं.स्थानीय प्रशासन नागरिक वर्ग के उद्योग एव व्यवसाय संदर्भ मे  दूजाभाव कर रही है. लॉकडाऊन यह करोना प्रतिबंधपर ठोस उपाय नही हैं.स्थानीय लोकप्रतिनिधी,व्यापारी, उद्योजक,समाजसेवी एव वैद्यकीय वर्ग को विश्वास मे लेकर एकमत से सामूहिक प्रयत्न कर कष्टकरी,कामकरी व लघु उद्योजक वर्ग को  पूर्ववत कार्य शुरु करने की इजाजत देने की मांग एड शेखानी ने की हैं.

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