लॉकडाउन से व्यापार जगत में नाराजगी....!
अकोला , राज्य सरकार के आदेश पर अकोला के जिलाधिकारी द्वारा जिले में लागू किए गए लॉकडाऊन से व्यापार जगत के साथ ही सभी व्यवसायियों में जबर्दस्त असंतोष व्याप्त है. जिले में कोरोना मरीजों की घटती संख्या के बीच यहांलॉकडाऊन लगाने का औचित्य उनकी भी समझ में नहीं आ रहा है. इसे व्यापारियों ने व्यापार तबाह करने का षडयंत्र बताया. साथ ही यह भी कहा कि कोरोना महामारी से बचाव के साथ ही व्यापार की रक्षा के लिए व्यापारियों तथा प्रतिष्ठानों में सेवारत कर्मचारियों को कोरोना वैक्सीन में प्राथमिकता देकर कोरोना को फैलने से रोकने का प्रयास किया जा सकता है. लेकिन इसकी बजाय व्यापार को ही चौपट करने वाला लॉकडाऊन का फैसला लिया गया है. इसके खिलाफ व्यापारियों रोष देखने को मिल रहा है . कई संगठनों द्वारा विरोध प्रदर्शन, आंदोलन करने की चेतावनी दी गई है. कुल मिलाकर तीसरे लॉकडाऊन से पूरा व्यापार जगत भड़क गया है. अकोला में शासन के आदेश पर व्यापारियों ने अपनी दुकानों को बंद रखकर प्रशासन के आदेश पर तथा विदर्भ चेंबर ऑफ कॉमर्स की अपील पर सहयोग किया है। किंतु उन्हें काफी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि दुकान का भाड़ा भी उनके कंधे में आ गया है जो कैसे भरेंगे समझ नहीं आ रहा है। कई व्यापारी यहां भाड़े की एवं किराए की दुकान पर अपना व्यापार व्यवसाय करते हैं जिनके सामने समस्याओं का अंबार लॉकडाउन के कारण लग गया है।
जिलाधिकारी द्वारा केवल अत्यावश्यक सेवाओं को अनुमति दिए जाने के कारण नागरिक तथा व्यापारी इस निणNय से परेशान है अकोला में सुबह के समय देखा गया कि कई व्यापारी अपनी दुकानों के सामने खड़े नजर आए पुणे यही इंतजार था कि कई प्रशासन आदेश बदल दे और वह अपनी दुकानों को खोल सके। अकोला में शत-प्रतिशत अत्यावश्यक सेवा को छोड़कर दुकानें बंद नजर आई। अकोला जिले के व्यापार के लिए खतरनाक चिता ।साबित होने वाला तीसरालॉकडाऊन है लागू करने का आदेश जिलाधिकारी ने जारी म किया है. 'ब्रेकदचेन' आदेश के तहत मंगलवार सुबह ६ बजे से ३० अप्रैल तक जरुरी सेवाओं की दुकानों को छोड़कर बाजार पूरी तरह से बंद । रहेगा. इसको लेकर अकोलि का व्यापार जगत जहांशोक, सदमे में डूब गया है, वहीं प्रशासन के फैसले को लेकर जबर्दस्त असंतोष व्याप्त है.
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