अकोला में मध्यवर्ती स्थान पर वारकरी भवन बनाया जाए
विश्व वारकरी सेना द्वारा विधायक अमोल मिटकरी एवं उप जिलाधिकारी संजय खडसे को सौंपा ज्ञापन
अकोला-अकोला शहर एवं परिसर के गांव में लगातार कथा, वाचन, सप्ताह ,भागवत, कथा, कीर्तन कार्यक्रमों का आयोजन होता है। इस कार्यक्रमों में उपस्थित रहने के लिए तथा कार्यक्रम को खत्म करके वापसी मे देर हो जाती है तथा ह.म. प महाराजो को निवास के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ता है तथा अकोला शहर में विभिन्न स्पेशलिस्ट अस्पताल होने से हभप महाराज और वारकरीयो के लिए कोई निवास की व्यवस्था हो इसके लिए अकोला शहर में मध्यवर्ती स्थान पर जिले से आने वाले गरीब एवं जरूरतमंद मरीजों के साथ आने वाले लोगों को निवास व्यवस्था के लिए सर्वधर्म वारकरी भवन निर्माण करें इस मांग का ज्ञापन विश्व वारकरी सेना की ओर से विधायक अमोल मिटकरी एवं निवासी उप जिलाधिकारी संजय को दिया गया। पंढरपुर और अन्य धार्मिक स्थलों पर वारकरीयो के लिए मठ की स्थापना एवं विभिन्न संस्था द्वारा निवास व्यवस्था की गई है उस प्रकार की व्यवस्था अकोला में नहीं है। इसी के मद्देनजर सुविधा के लिए भवन निर्माण किया जाए ऐसी मांग का ज्ञापन दिया गया तथा साथ ही अकोला जिले में रहने वाले जिले के किसानों की तारणहार पूर्णा नदी संपूर्ण जिले के लिए जनता के श्रद्धा स्थान है तथा नदी में को जनता हमेशा दूषित करने मे लगी है। जिले के नागरिकों ने मृत्यु के बाद अस्तियों को बहाने के लिए पूर्णा नदी का ही चयन किया जाता है जिसके कारण नदी का पानी दूषित हो रहा है। नागरिक बड़ी श्रद्धा से इस पानी को पीते हैं जिसके चलते यह प्रकार रोका जाए। पुर्णा नदी के किनारे एक रक्षा विसर्जन कुंड का बांधकाम करें एवं पूर्णा में दूषित होने से बचाए ऐसी मांग विश्व वारकरी सेना ने दूसरे ज्ञापन में की है इस वक्त विश्व वारकरी सेना के राज्य अध्यक्ष गणेश महाराज शेटे, के साथ विट्ठल महाराज साबले, राम रतन महाराज वसु ,गजानन महाराज यूरोकार, विलास कराड, रविंद्र केंद्रे, उद्धव कुलट, रामकृष्ण महाराज,श्रीधर तलोकार, ज्ञानेश्वर महाराज जावरकर आदि की उपस्थिति थी। इस महाराज मंडल में विधायक अमोल मिटकरी इनकी भेट देकर निवेदन पेश करके समस्या को हल करने की मांग की गई। वारकरीयो का आदेश मेरे लिए अग्रक्रम है तथा वारकरीओ की समस्या में प्रशासन के साथ चर्चा करके हल करूंगा ऐसा आश्वासन विधायक अमोल मिटकरी ने उपस्थित सभी कीर्तनकार मंडली को दिया तथा शाल एवं श्रीफल तथा गुलाब का फूल देकर सत्कार किया गया।
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