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Akola cyber fraud news:मैट्रिमोनी ऐप से दोस्ती, फॉरेक्स ट्रेडिंग का झांसा देकर ₹2.05 लाख की ठगी..4 राज्यों में 2900 किमी तक साइबर पुलिस की तलाश, उत्तराखंड से 27 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार

Akola cyber fraud news:मैट्रिमोनी ऐप से दोस्ती, फॉरेक्स ट्रेडिंग का झांसा देकर ₹2.05 लाख की ठगी..4 राज्यों में 2900 किमी तक साइबर पुलिस की तलाश, उत्तराखंड से 27 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार
अकोला। मैट्रिमोनी ऐप के जरिए एक महिला से संपर्क बढ़ाकर उसका विश्वास जीतने और फॉरेक्स ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को अकोला साइबर पुलिस ने उत्तराखंड से गिरफ्तार किया है। साइबर पुलिस ने आधुनिक तकनीक, बैंक खातों के लेन-देन, पहचान संबंधी दस्तावेजों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण करते हुए आरोपी तक पहुंच बनाई। इस कार्रवाई में जांच दल ने करीब 2900 किलोमीटर का सफर तय करते हुए चार राज्यों में आरोपी की तलाश की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, साइबर पुलिस थाने में 20 जून 2026 को अपराध क्रमांक 18/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 316(2) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(डी) के अंतर्गत ऑनलाइन आर्थिक धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया था।
मैट्रिमोनी ऐप पर हुई पहचान, फिर बढ़ाया विश्वास
मामले में आरोपी ने मैट्रिमोनी ऐप के माध्यम से महिला से संपर्क किया। इसके बाद सोशल मीडिया, ऑनलाइन बातचीत और फोन के जरिए लगातार संवाद करते हुए उसने महिला का विश्वास हासिल किया। आरोपी ने स्वयं को शेयर बाजार का कारोबारी बताते हुए अपने पास बड़ी राशि का निवेश पोर्टफोलियो होने का दावा किया।
इसके बाद उसने महिला को फॉरेक्स ट्रेडिंग में निवेश करने पर कम समय में बड़ा मुनाफा दिलाने का लालच दिया। आरोपी की बातों पर भरोसा करते हुए महिला ने अलग-अलग चरणों में कुल ₹2,05,060 ऑनलाइन माध्यम से आरोपी के बताए खातों में भेज दिए।
रकम प्राप्त करने के बाद आरोपी ने महिला से दोबारा ₹3 लाख की मांग की। संदेह होने पर महिला ने पहले दी गई रकम वापस मांगी, लेकिन आरोपी टालमटोल करने लगा और संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इसके बाद महिला को अपने साथ ऑनलाइन आर्थिक धोखाधड़ी होने का एहसास हुआ और उसने साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
बैंक लेन-देन और तकनीकी साक्ष्यों से आरोपी तक पहुंची पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए अकोला साइबर पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की। पुलिस ने बैंक खातों में हुए लेन-देन, पहचान संबंधी दस्तावेजों, तकनीकी जानकारी और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का बारीकी से विश्लेषण किया। जांच के दौरान आरोपी के संभावित ठिकाने की जानकारी सामने आने के बाद विशेष जांच दल को उसकी तलाश के लिए रवाना किया गया।
जांच दल ने अलीगढ़, उत्तर प्रदेश और काशीपुर, उत्तराखंड सहित विभिन्न स्थानों पर आरोपी की तलाश की। तकनीकी जानकारी के आधार पर पुलिस आखिरकार आरोपी तक पहुंचने में सफल रही।
पुलिस ने स्थानीय पुलिस की सहायता से अर्पित मुकेश सारस्वत (27), निवासी मकान नंबर 9, मोहल्ला किला, काशीपुर, जिला ऊधमसिंह नगर, उत्तराखंड को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को न्यायालय में पेश किए जाने के बाद 20 सितंबर 2026 तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है।
नागरिकों से साइबर पुलिस की सतर्क रहने की अपील
साइबर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि मैट्रिमोनी ऐप, सोशल मीडिया या किसी अन्य ऑनलाइन माध्यम से हुई पहचान को तुरंत भरोसेमंद व्यक्ति न मानें। शेयर बाजार, फॉरेक्स ट्रेडिंग अथवा किसी अन्य ऑनलाइन निवेश में कम समय में बड़ा मुनाफा दिलाने का लालच देने वाले लोगों से सावधान रहें।
पुलिस ने अनधिकृत लिंक, संदिग्ध ऐप या अनजान व्यक्ति के कहने पर किसी भी खाते में रकम ट्रांसफर नहीं करने की सलाह दी है। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें अथवा cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।
कार्रवाई करने वाली टीम
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अचिंत चांडक, अपर पुलिस अधीक्षक चंद्रकांत रेड्डी के मार्गदर्शन में साइबर पुलिस थाना प्रभारी अमोल मालवे, सहायक पुलिस निरीक्षक मनीषा तायडे, पुलिस उपनिरीक्षक मनोज उघड़े, पुलिस हवलदार संजय अकोटकर, पंकज पांडव, गोपाल ठोंबरे, पुलिस कांस्टेबल स्वप्नील दामोदर तथा राहुल सानप की टीम ने की। मामले की आगे की जांच पुलिस निरीक्षक अमोल मालवे कर रहे हैं।

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