Akola police news:दूसरी बार महाराष्ट्र में अकोला का झंडा!सर्वश्रेष्ठ अपराध जांच में अकोला पुलिस दल का फिर राज्यस्तरीय चयन
72 घंटे में ₹69.90 लाख की सशस्त्र लूट का खुलासा; 330 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगालकर आरोपी तक पहुंची पुलिस
अकोला। अपराधों की जांच और उसके खुलासे में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले अकोला जिला पुलिस दल ने एक बार फिर राज्य स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। अकोला शहर के आदर्श कॉलोनी स्थित श्री सप्तश्रृंगी अलंकार केंद्र में हुई सशस्त्र जबरी चोरी का महज 72 घंटे में पर्दाफाश कर आरोपी को गिरफ्तार करने के मामले को महाराष्ट्र स्तर पर जुलाई माह की ‘उत्कृष्ट अपराध उकल’ के रूप में चुना गया है।
खास बात यह है कि अकोला जिला महाराष्ट्र का एकमात्र ऐसा जिला है, जिसके अपराध जांच के मामलों का दो बार राज्यस्तरीय चयन हुआ है। इस उपलब्धि से अकोला पुलिस दल में उत्साह का माहौल है।
330 से अधिक सीसीटीवी फुटेज से आरोपी का पीछा
विशेष पुलिस अधीक्षक अर्चित चांडक के मार्गदर्शन में जांच दल ने इस मामले में तकनीकी जांच को प्रभावी ढंग से अंजाम दिया। पुलिस ने 330 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का तकनीकी विश्लेषण किया। इसके साथ ही तकनीकी जांच और गुप्त सूचना के आधार पर आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी गई।
सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण से आरोपी के अकोला से भुसावल तक भागने के मार्ग का पता लगाया गया। इसके बाद पुलिस ने लगातार उसका पीछा करते हुए आरोपी को भुसावल से गिरफ्तार कर लिया।
पिस्टल और लोहे की रॉड दिखाकर 69.90 लाख की लूट
घटना 7 मई 2026 की दोपहर की है। आदर्श कॉलोनी, अकोला स्थित श्री सप्तश्रृंगी अलंकार केंद्र में चेहरा ढके हुए एक आरोपी ने पिस्टल और लोहे की रॉड का डर दिखाकर सशस्त्र लूट को अंजाम दिया था। इस वारदात में करीब ₹69.90 लाख का माल चोरी हुआ था।
घटना के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी जांच शुरू की। 330 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद आरोपी की गतिविधियों और उसके भागने के रास्ते की महत्वपूर्ण जानकारी पुलिस के हाथ लगी।
तकनीकी जांच के साथ प्राप्त गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने रोहनसिंग सतनामसिंग बावरा को 11 मई 2026 को भुसावल से गिरफ्तार किया।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी गए माल में से 170 ग्राम सोने के आभूषण, 500 ग्राम चांदी के आभूषण तथा वारदात में इस्तेमाल किया गया हथियार बरामद किया। बरामद कुल माल की कीमत करीब ₹27.25 लाख बताई गई है।
मामले में कुल 13 गवाहों की जांच की गई और पुलिस ने 29 जून 2026 को आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया।
मुंबई में पुलिस महानिदेशक ने किया सम्मानित
इस उत्कृष्ट जांच को महाराष्ट्र पुलिस स्तर पर जुलाई माह की उत्कृष्ट अपराध उकल के रूप में चुने जाने के बाद 18 सितंबर 2026 को मुंबई में जांच दल का सम्मान किया गया।
पुलिस महानिदेशक सदानंद दाते के हाथों जांच दल के उपविभागीय पुलिस अधिकारी शंकर शेळके, सहायक पुलिस निरीक्षक विजय जाधव, प्रधान आरक्षक खुशाल नेमाडे और पुलिस आरक्षक राज चंदेल को प्रशस्तिपत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के हाथों मिला यह सम्मान अकोला जिला पुलिस दल के लिए गौरव का विषय माना जा रहा है। वहीं जांच दल के सदस्यों के लिए यह उपलब्धि भविष्य में और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरणादायी साबित होगी।
इससे पहले कालंका माता मंदिर चोरी का भी हुआ था राज्यस्तरीय चयन
अकोला पुलिस दल को इससे पहले भी राज्यस्तर पर उत्कृष्ट जांच के लिए सम्मान मिल चुका है। मई 2026 में अकोट शहर पुलिस थाना क्षेत्र के बारगण स्थित प्रसिद्ध कालंका माता मंदिर में हुई लाखों रुपये की चोरी का सफलतापूर्वक पर्दाफाश करने वाली अकोला स्थानीय अपराध शाखा की टीम का भी राज्यस्तर पर चयन किया गया था।
इस मामले में स्थानीय अपराध शाखा के जांच दल को 17 जुलाई 2026 को मुंबई में पुलिस महानिदेशक, महाराष्ट्र राज्य के कार्यालय में सम्मानित किया गया था। पुलिस महानिदेशक ने जांच दल के अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशस्तिपत्र देकर उनकी जांच की सराहना की थी।
दो बार राज्यस्तरीय चयन से अकोला पुलिस का बढ़ा गौरव
लगातार दूसरी बार अकोला जिले के अपराध जांच प्रकरण का महाराष्ट्र स्तर पर चयन होना जिला पुलिस के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। अकोला जिला महाराष्ट्र का एकमात्र जिला है, जिसके दो अलग-अलग अपराध जांच प्रकरण राज्यस्तर पर उत्कृष्ट अपराध उकल के लिए चुने गए हैं।
इस उपलब्धि पर पुलिस अधीक्षक अर्चित चांडक ने जांच दल के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का अभिनंदन करते हुए उन्हें बधाई दी है।
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