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Akola news:अकोला में 8वें वऱ्हाडी बोलीभाषा साहित्य सम्मेलन की घोषणा..सम्मेलनाध्यक्ष विठ्ठल कुलट, स्वागताध्यक्ष डॉ. सुगत वाघमारे और उद्घाटक डॉ. मोना चिमोटे

Akola news:अकोला में 8वें वऱ्हाडी बोलीभाषा साहित्य सम्मेलन की घोषणा..सम्मेलनाध्यक्ष विठ्ठल कुलट, स्वागताध्यक्ष डॉ. सुगत वाघमारे और उद्घाटक डॉ. मोना चिमोटे
बार्शीटाकळी-महाराष्ट्र राज्य साहित्य एवं संस्कृति मंडल के अनुदान से तथा वऱ्हाडी साहित्य व बोलीभाषा संवर्धन संस्था बार्शीटाकळी द्वारा संचालित अखिल भारतीय वऱ्हाडी साहित्य मंच, अकोला के 8वें वऱ्हाडी बोलीभाषा साहित्य सम्मेलन की आधिकारिक घोषणा मंच के अध्यक्ष श्याम ठक ने की है। यह सम्मेलन आगामी 24 अक्टूबर शनिवार और 25 अक्टूबर रविवार 2026 को अकोला में आयोजित किया जाएगा।
सम्मेलन की अध्यक्षता ख्यातनाम वऱ्हाडी साहित्यकार विठ्ठल कुलट करेंगे, जबकि सुप्रसिद्ध उद्यमी डॉ. सुगत वाघमारे स्वागताध्यक्ष होंगे। सम्मेलन का उद्घाटन प्रा. डॉ. मोना चिमोटे, विभागप्रमुख, पदव्युत्तर मराठी विभाग तथा अधिष्ठाता, मानवविज्ञान विद्याशाखा, संत गाडगे बाबा अमरावती विश्वविद्यालय, अमरावती के हाथों होगा। सम्मेलन में पूर्व सम्मेलनाध्यक्ष एवं वऱ्हाडी साहित्यिका डॉ. साधनाताई काळबांडे तथा महाराष्ट्र राज्य साहित्य एवं संस्कृति मंडल के पूर्व सदस्य पुष्पराज गावंडे सहित विभिन्न क्षेत्र के साहित्यप्रेमी और मान्यवर उपस्थित रहेंगे।
विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वालों का होगा सम्मान
वऱ्हाडी साहित्य और वऱ्हाड क्षेत्र में विशेष योगदान देने वाले व्यक्तित्वों के कार्यों का गौरव करने के उद्देश्य से इस वर्ष भी विभिन्न पुरस्कारों की घोषणा की गई है। साहित्य क्षेत्र में योगदान के लिए हिम्मत ढाळे (अकोला) को जीवनगौरव पुरस्कार, युवा वऱ्हाडी साहित्यिका सौ. लता बहाकर (अकोट) को 'यलाई' पुष्पराज गावंडे पुरस्कार, वऱ्हाडी साहित्यिका सौ. शैला चेडे को स्व. सौ. सुमनबाई ठक स्मृति महिला वऱ्हाड रत्न पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा श्रीराम वाघ (शेगांव) को साहित्यसेवा, उमेश अलोने को पत्रकारिता तथा चंद्रकांत झटाले को सामाजिक कार्य के लिए सम्मानित किया जाएगा।
2015 से वऱ्हाडी बोलीभाषा संवर्धन का प्रयास
वऱ्हाडी साहित्य एवं बोलीभाषा संवर्धन संस्था वर्ष 2015 से वऱ्हाडी बोलीभाषा और साहित्य के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए लगातार विभिन्न उपक्रम चला रही है। संस्था की ओर से अब तक सात वऱ्हाडी बोलीभाषा साहित्य सम्मेलनों का आयोजन किया जा चुका है। इसके साथ ही हर वर्ष अस्सल वऱ्हाडी बोलीभाषा में 'चिरांगन' दिवाली अंक प्रकाशित किया जाता है। इस वर्ष इसका 9वां अंक प्रकाशित किया जा रहा है। वऱ्हाडी बोलीभाषा के शब्दों को संजोने के लिए 'वऱ्हाडधन' एंड्रॉइड मोबाइल ऐप भी तैयार किया गया है।
संस्था की ओर से विभिन्न साहित्यिक गतिविधियों के साथ 23 फरवरी को संत गाडगेबाबा जयंती के दिन 'वऱ्हाडी बोलीभाषा दिवस' मनाने की शुरुआत भी की गई है।



[ प्रतिक्रिया ] 👇
“वऱ्हाडी बोलीभाषा वऱ्हाड की मिट्टी, संस्कृति और लोकजीवन से जुड़ी हमारी मायबोली है। बदलते समय में इस बोलीभाषा का संरक्षण और संवर्धन करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। संस्था पिछले कई वर्षों से विभिन्न साहित्यिक गतिविधियों के माध्यम से वऱ्हाडी बोली का जागर कर रही है। आठवां वऱ्हाडी बोलीभाषा साहित्य सम्मेलन साहित्यकारों के साथ नई पीढ़ी को भी अपनी मायबोली और संस्कृति से जोड़ने का महत्वपूर्ण मंच बनेगा। वऱ्हाडी भाषा से प्रेम करने वाले सभी साहित्यप्रेमी इस सम्मेलन में बड़ी संख्या में सहभागी हों।”

*श्याम ठक*
(संस्थापक अध्यक्ष, वऱ्हाडी साहित्य एवं बोलीभाषा संवर्धन संस्था बार्शीटाकली )

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