Sonography Center at Akola District Government Hospital on ventilator:अकोला जिला सरकारी अस्पताल स्थित सोनोग्राफी सेंटर वेंटिलेटर पर.... मरीजों को निजी अस्पताल में करानी पड़ रही है सोनोग्राफी
अकोला- सरकारी वैद्यकीय महाविद्यालय एवं जिला अस्पताल में सोनोग्राफी की मशीन 1 महीने से वेंटिलेटर पर होने के कारण मरीजों को निजी अस्पतालों की दौड़ लगानी पड़ रही है.अकोला के जिला अस्पताल की दो में से एक सोनोग्राफी मशीन बंद है जिसके कारण एक ही मशीन काम कर रही है. सोनोग्राफी करने के लिए दिन भर में 70 से 80 मरीज आते हैं परंतु मशीन की क्षमता 40 रोगियों की जांच तक सीमित है. जिसके कारण अधिकांश मरीज महंगी फीस अदा कर निजी अस्पताल में सोनोग्राफी कर रहे हैं. अकोला के जिला अस्पताल में अकोला सहित बुलढाणा, वाशिम, यवतमाल जिले से मरीज उपचार के लिए आते हैं. जिसमें महिलाओं की संख्या अधिक होती है. गर्भवती महिला और पेट के विकार संबंधी उपचार के लिए सोनोग्राफी करने की सलाह दी जाती है. सोनोग्राफी विभाग की एक मशीन बंद पड़ी हुई है.
जिसके कारण जब मरीज सोनोग्राफी के लिए आता है तब सोनोग्राफी के लिए उससे एक महीने बाद की तारीख दी जाती है. जिसके कारण मरीजों को 1 महीने तक इंतजार करना पड़ता है यदि सोनोग्राफी तुरंत करनी है तो उसे निजी अस्पताल का सहारा लेना पड़ता है. वहीं दूसरी ओर अस्पताल में मनुष्य बल कम होने के कारण रोगियों को उसके रिश्तेदारों द्वारा स्ट्रेचर पर ले जाना पड़ता है. जिसके कारण मरीजों के रिश्तेदारों को भी परेशानी झेलनी पड़ती है. इस के संदर्भ में अस्पताल प्रशासन ने शासन के 52 सोनोग्राफी मशीन और मनुष्य बल उपलब्ध कराने की मांग की है. शासन की अनुमति मिलने की प्रतीक्षा जिला अस्पताल प्रशासन कर रहा है तब तक रोगियों को प्रतीक्षा करने की नौबत आ गई है. इस के संदर्भ में सरकारी मेडिकल कॉलेज की अधिष्ठाता डॉ मीनाक्षी गजभिए ने जानकारी दी.9
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