The sleeper buses of Royal Travels became ruins...The seats are collapsing down, narrowly saved the little boy and his mother, रॉयल ट्रैवल्स की स्लीपर बसे बनी भंगार...!
सीटे धस रही निचे, बाल बाल बचा नन्हा बालक और उसकी मां,
चालक कंडक्टर करते हैं यात्रियों के साथ बदसलूकी
आरटीओ विभाग को गंभीरता से ध्यान देने की मांग
अकोला- स्थानीय लग्जरी बस स्थानक से रोजाना गुजरने वाली रॉयल ट्रैवल्स की बसे खस्ताहाल हो गई है। बस के पुर्जे भी अब अपना दम तोड़ रहे हैं। ऐसा ही एक हादसा इंदौर से अकोला आ रही बस क्रमांक एमपी 09 एफ ए 7995 के साथ हुआ। जिसमें चक्के के पास रहने वाली सीट सीधे पत्रा टूटने से नीचे चली गई उस सीट में छोटे बच्चे एवं दो महिलाएं सवार थी इस दौरान वहां पर मौजूद अन्य यात्रियों ने समय तत्परता दिखाते हुए बच्चे व महिलाओं को तुरंत नीचे गिरने से बचाया एवं बच्चा गिरने वाला ही था कि उससे उसकी मां ने पकड़ लिया अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। इस संबंध में जब शिकायत बस ड्राइवर और कंडक्टर से की गई तो उन्होंने भी यात्रियों के साथ बदसलूकी की। तथा जिन महिलाओं की सीट नीचे चली गई थी उन्हें पीछे सीट दी गई जहां छोटे बच्चों को लेकर बैठना संभव नहीं था। फिर वहां पर मौजूद अन्य यात्रियों ने ही बीच में उन्हें सीट दी किंतु ड्राइवर कंडक्टर द्वारा इस दौरान किसी भी प्रकार की गंभीरता बरती नहीं गई।
इस प्रकार निजी ट्रैवल्स नागरिकों की जान से खेल रहे हैं और पुलिस प्रशासन समेत आरटीओ विभाग कुंभकरण की नींद सो रहा है ऐसी घटनाओं को देखकर लगता है जैसे निजी ट्रेवल को आरटीओ तथा संबंधित विभाग का आशीर्वाद है इसलिए और बेखौफ यात्रियों की जान से खेल रहे हैं। आरटीओ विभाग को ना बसों की फिटनेस का खयाल आता है ना बसों में रहने वाली सुविधाओं का ऐसी सैकड़ों बसे नागरिकों की जान जोखिम में डालकर दौड़ रही है। कुछ दिनों पहले ही हमने हंस ट्रेवल्स की बस का भी मुद्दा उठाया था वह भी बस के टायर खराब हो गए थे जिसके कारण घाट के समीप बस हादसे का शिकार हुई थी जिसमें भी यात्री बाल-बाल बचे थे। इस दौरान रॉयल ट्रैवल्सहादसे का शिकार हुई महिला द्वारा संबंधित प्रशासन से ऐसे बस चालकों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की मांग की जा रही है तथा ऐसे बसों के लाइसेंस रद्द किए जाने चाहिए ऐसा भी इस वक्त अन्य यात्रियों द्वारा कहा गया है।इस संबंध में जब अगर कोई यात्री ड्राइवर कंडक्टर से शिकायत करता है तो वह कहते हैं कि यह हमारा काम नहीं है हालाकी यह सच है कि वह एक कंपनी में नौकरी करते हैं किंतु अगर यह होने बस में रहने वाली समस्याओं से अवगत कराएंगे तो उसे दूर किया जा सकता है किंतु चालक कंडेक्टर ही यात्रियों की जान जोखिम में डाल रहे हैं। यात्रियों की जान से कुछ लेना देना ही नहीं है केवल उन्हें पैसे कमाना और मनमाने दामों में टिकट बेचना यही उद्देश्य रह गया है।
रॉयल ट्रेवल्स की बसे जान की दुश्मन
जिस महिला के साथ यह हादसा पेश आया उस महिला का कहना है कि इस प्रकार की बसें चलाकर रॉयल ट्रैवल यात्रियों की जान से खिलवाड़ कर रहा है अगर इस हादसे में मेरे बच्चों को कुछ हो जाता तो इसका जिम्मेदार कौन होता। इंदौर से अकोला यह कई मिलो का फासला है और हम बसों में यात्रा इसलिए करते हैं की यात्रा आरामदायक हो किंतु इस प्रकार खस्ताहाल बसों को चलाकर और मनमाना किराया वसूल कर सीधे-सीधे आम जनता को आर्थिक एवं जानी दोनों संकट में डालने का काम निजी ट्रेवल्स कर रही है ऐसे लोगों पर आरटीओ विभाग द्वारा कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए ऐसी मांग महिला द्वारा की गई है।
0 Comments